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विश्वविद्यालयों/कृषि विश्वविद्यालयों/कृषि अनुसंधान एवं तकनीकी संस्थानों/प्रयोग केन्द्रों द्वारा विकसित नवीनतम उन्नतिशील तकनीक/प्रजातियों को आम कृषक तक आसानी से पहुँचाने के लिए एक सेतु के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना का कार्यक्रम वर्ष 1974 में प्रारम्भ किया गया। प्रत्येक जनपद में कम से कम एक कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना का लक्ष्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया गया। परन्तु वर्ष2008 में भारत सरकार द्वारा जनपद के भौगोलिक दृष्टिकोण से कई जनपदों में दो कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना भी हो गई है। भारतवर्ष में इस समय लगभग 567 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शत्-प्रतिशत वित्तीय सहयोग से राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि सम्बन्धी अनुसंधान संस्थानों, केन्द्रीय विश्वविद्यालयों एवं कुछ गैर शासकीय संस्थाओं के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत हैं।

कृषि विज्ञान केन्द्र, मीरजापुर का काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी (कृषि विज्ञान संस्थान) के प्रशासनिक नियंत्रण में कृषि अनुसंधान प्रक्षेत्र बरकछा-मीरजापुर में वर्ष 1984 में स्वीकृत एवं वर्ष1987 में कार्यारम्भ शुरू हुआ, जो जनपद के कृषि/किसानों की सेवा में अपने सीमित संसाधनों में अनवरत प्रयासरत है।